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Hindi Bhakti Sastri Course
वी.आई.एच.ई. हिन्दी विभाग आपका स्वागत करता है
श्रीवृन्दावन धाम में हिन्दी भक्ति शास्त्री 2016

श्रीवृन्दावन धाम में एक शैक्षणिक संस्था बनाने की श्रील प्रभुपाद की इच्छा को पूर्ण करने के उद्देश्य से सन 1987 में वृन्दावन इंस्टिट्यूट आॅफ हायर एजुकेशन की स्थापना की गई। इस संस्था का उद्देश्य है श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं व आन्दोलन के प्रति भक्तों की समझ, सराहना और साक्षात्कार को अधिक गहराई तक पहुँचाना। इसके अतिरिक्त श्रील प्रभुपाद द्वारा कृष्ण भावनामृत के नीति नियमों व सिद्धान्तों का रक्षण करना व उन्हें सर्वत्र प्रसारित करना। अतएव वी.आई.एच.ई का मुख्य योगदान है श्रील प्रभुपाद द्वारा दिए गए कृष्ण भावनाभावित आदर्श व सभ्यता नई पी

इस्काॅन गोशाला भूमि पर स्थित वी.आई.एच.ई ऐसी आदर्श सुविधा और अध्यात्मिक वात ावरण प्रदान करता है जहाँ भक्तगण अपनी साधना में प्रगति कर सकें, भक्तिमय गुण विकसित कर सकें, गंभीरता से अ ध्ययन में लग सकें, वरिष्ठ वैष्णवों का संग प्राप्त कर सकें, आध्यात्मिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें और वृन्दावन ध् ााम का आश्रय ले सकें।

दिसम्बर 2006 में, वी.आई.एच.ई ने पहले हिन्दी भक्तिशास्त्री पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। हम सभी हिन्दी भाष ी भक्तों को सादर आमन्त्रित करते हैं कि वे उत्साहपूर्वक शास्त्र अध्ययन की इस दुर्लभ संधि का लाभ उठाएँ।

हिन्दी भक्तिशास्त्री का अगला सत्र 2 जुलाई से 29 अक्टूबर 2016 तक आयोजित किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम वरिष्ठ व अनुभ् ावी भक्तों द्वारा पढ़ाया जाएगा - प. पू. राध्ाा रमण स्वामी, पू. असित दास, पू. अतुल कृष्ण दास, पू. प्राणेश्वर द ास, पू. अरुण चरण दास, पू. प्रशंाता देवी दासी ।

पाठ्यक्रम विषय वस्तु:
संस्कृत उच्चारण तथा श्लोक कंठस्थ करना
भगवद्गीता
भक्तिरसामृतसिंध्ाु (भूमिका से अध्याय 19 तक)
उपदेशामृत
ईशोपनिषद्
श्रीविग्रह अराध्ाना से परिचय

मूल्यांकन
बंद पुस्तक परीक्षा: गीता-3, ईशोपनिषद्-1, भ.र.सि.-1, उपदेशामृत-1,श्रीविग्रह अराध्ाना-1।
निबंध्ा: लम्बे: गीता-5, ईशोपनिषद्-1, छोटे: भ.र.सि.-1, उपदेशामृत-4,
गृहकार्य जमा करना: चारो ंपुस्तकों के लिए विद्यार्थी हस्तपुस्तिका के प्रश्न।
अन्य: उपस्थिति, साध्ाना, व्यवहार, सहयोग ।
श्लोकपाठ

गतिविध्ाियाँ:
गौ सेवा
साप्ताहिक कीर्तन
वैष्णव तिथियों का समारोह
श्रील रूप गोस्वामी तिरोभाव उत्सव
तीर्थ स्थलियों पर कक्षाओं का आयोजन
केशीघाट में दीपदान

आवश्यकताएँ:
कम से कम 1 वर्ष से प्रतिदिन हरे कृष्ण महामंत्र का 16 माला जप करना, चार नियमांे का पालन, सदाचार का प्रशि़क्षण, मंदिर के प्रातः कालीन कार्यक्रम मंे नियमित उपस्थिति, ब्राह्मणेचित प्रवृत्तियाँ, चारों पुस्तकों का पूर्वाभ्यास, दीक्ष ा गुरू की एवं इस्काॅन मंदिर के अध्ािकारी की या किसी वरिष्ठ भक्त की संस्तुति, जो छात्र को भलीभांति जानता हो।

प्रवेश:
समयसीमा 1 जून, 2016
कृपया लिखें:

vihe.courses.admissions@pamho.net
1 जूलाई को प्रवेश। अनुपस्थित छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

अधिक जानकारी व पंजीकरण के लिए शक्ति स्वरूपिनी देवी दासी - 08126100355 अथवा वी.आई.एच. ई कार्यालय, इस्काॅ न गोशाला में संपर्क करें।